शादी के बाद पहली रात पीडीऍफ़ Shaadi Ke Baad Ki Pehli Raat

शादी के बाद पहली रात पीडीऍफ़ डाउनलोड Shaadi Ke Baad Ki Pehli Raat PDF BOOK HINDI FREE DOWNLOAD शादी विवाह के रीति रिवाज BOOK PDF ISLAMIC – शादी के बाद की पेहली रात मुफती अहमद खानपुरी द.ब.

- Advertisement -

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहिम

इहयाउल उलुम में संभोग के मुताल्लिक कुछ आदाब लिखे हे जो इस तरह ह –

अल्लाह का नाम लेकर शुरू करना मुस्तहब हे, सुरे इखलास, अल्लाहु अकबर और लाइलाहा इल्लल्लाहो पढ कर-‘बिस्मील्लाही अलिय्यील अजीम अल्लाहुमा इजअहला जुरिय्य्तन तय्यबतन ईन कुन्त कद्दरता अन तुखरिज जालिक मिन सुलबी’ पढे

जब दुल्हा पेहली बार अपनी दुल्हन के पास पोहचे तो दुल्हन की पेशानी के उपर के बाल पकड़ कर यह दुआ पढे- ‘अल्लाहुम्म इननी असअलुक खैरहा व खैर माफीहा व आउजुबिक मिन शर्रिहा व शर्रि माफीहा’.

तर्जुमा- ऐ अल्लाह में तुझ से उसकी भलाई और उसकी आदात व अखलाक की भलाई का सवाल करता है और हू उसकी बुराई और उसकी आदात व अखलाक की बुराई से तेरी पनाह मांगता हू. [अबू दाउद इबने सिनी 553.] जब संभोग का इरादा करे तो यह दुआ पढले वरना शैतान का नुतफा भी मर्द के नुतफा के साथ अन्दर चला जाता है और औलाद शैतान की खसलतो में मुबतला होगी. दुआ यह हे-

‘बिस्मिल्लाही अल्लाहुम्म जनिविनश्शैतान मा रजकतना’

तर्जुमा- में अल्लाह पाक का नाम लेकर यह काम करता हु और ऐ अल्लाह हम को शैतान से बचा और जो औलाद तु हम को दे उसको भी शैतान से दूर रख.

नोट- इस दुआ को पढ लेने के बाद जो औलाद होगी उसको शैतान कभी जरर न पहुंचा सकेगा.

[बुखारी जि.2.स.945. इबने अबी शीवा स.394]

शादी के बाद पहली रात पीडीऍफ़

इस्लामिक किताब – शादी के बाद पहली रात पीडीऍफ़ डाउनलोड Shaadi Ke Baad Ki Pehli Raat) से कुछ अंश लिखा हुआ

  • यह बहुत ही बेशर्मी और गुनाहित काम हे.
  • सुनेवाला और सुनानेवाला और इसका शौक रखने वाले सब सख्त गुनेहगार हे.
  • हदीस में रसूलुल्लाह सल्ललाहु अलयही वसल्लम का इरशाद हे के
  • अल्लाह अल्लाह के यह सबसे बडी अमानत जिसमे इन्सान खियानत करे
  • वह यह की रात को अपनी बीवी के साथ संभोग करे और ये छुपी बात लोगों के सामने बयान कर.
  • दूसरी रिवायत के मुताबिक कियामत के दिन अल्लाह के वहा सबसे बुरा मर्द (या औरत) वह होगे
  • जो अपनी औरत (या शोहर) के साथ संभोग करे और फिर ये भेद की बाते लोगों के सामने सुनाये. [मिशकात]
  • ये हया और शर्म के लिये घातक रिवाज से बचना बहुत जरूरी हे.
  • फकत अल्लाह ही ज्यादा जानने वाला हे.

हवाला: शादी पछीनी पेहली रात [गुजराती में से खुलासा ]

Shaadi Ke Baad Ki Pehli Raat PDF DOWNLOAD

This book was brought from archive.org as under a Creative Commons license, or the author or publishing house agrees to publish the book. If you object to the publication of the book, please contact us.for remove book link or other reason. No book is uploaded on This website server. Only We given external Link

Related PDF

LATEST PDF