आशिके अकबर पीडीऍफ़ इन हिंदी Islamic Books in Hindi PDF

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आशिके अकबर

आशिके अकबर पीडीऍफ़ इन हिंदी Islamic Books in Hindi PDF के कुछ अंश लिखा हुआ पढ़े – सव्यिदुना सिद्दीके अक्बर को जहर दिया गया

आपके विसाले जाहिरी के अस्वाव मुख्तलिफ बताए जाते हैं, बाज़ रिवायात के मुताबिक गारे सौर वाले सांप के ज़हर के असर के औद करने (या’नी लौट कर आ जाने) के सवब आप की बात हो गई। एक सबब यह बताया गया कि गमे मुस्तफ़ा में घुल घुल कर आप ने जान दे दी

जब कि इब्ने सा’द व हाकिम ने इब्ने शहाब से रिवायत की है कि (सग्विदुना सिद्दीक़े अक्बर की वात का जाहिरी सबब येह था कि) आप ॐ और के पास किसी ने तोहफ़तनं खुजैरह (या’नी क़ीमे वाला दलिया) भेजा था

  • आप और हारिस बिन क-लदह दोनों खाने में शरीक थे
  • (कुछ खाने के बाद) हारिस ने (जो कि तृबीव था) अर्ज की :
  • ऐ खलीए रसूलुल्लाह! हाथ रोक लीजिये (और इसे न खाइये) कि इस में ज़हर है
  • और येह वोह जहर है जिस का असर एक साल में ज़ाहिर होता है
  • आप देख लीजियेगा कि एक साल के अन्दर अन्दर मैं और आप एक ही दिन फौत होंगे।
  • बेह सुन कर आप ने खाने से हाथ खींच लिया लेकिन जहर अपना काम कर चुका था
  • और वह दोनों इसी दिन से बीमार रहने लगे और एक साल गुज़रने के बाद
  • (उसी ज़हर के असर सै) एक ही दिन में इन्तिकाल किया।

आशिके अकबर पीडीऍफ़ इन हिंदी

या रसूलल्लाह ! अबू बक्र हाज़िर है विसाले ज़ाहिरी से कब्ल फैजयावे फैजाने नुबुव्वत, साहिवे फ़ज़ीलत व करामत हजुरते सम्बिदुना सिद्दीके अक्बर ने वसिय्यत फरमाई कि मेरे जनाजे को शाहे बहरो वर, मदीने के ताजवर, हबीबेदावर के रौज़ए अन्वर के पाक दर के सामने ला कर रख देना और कह कर अर्ज करना :

  • या रसूलल्लाह अबू बक्र आस्तानए आलिया पर हाज़िर है।”
  • अगर दरवाज़ा खुद व खुद खुल जाए तो अन्दर ले जाना वरना जन्नतुल बकीअ में दफ्न कर देना।
  • जनाजुए मुबारका को हस्बे वसिय्यत जब रौज़ए अक्दस के सामने रखा गया और अर्ज किया गया:
  • अबू बक्र हाजिर है। येह अर्ज करते ही दरवाज़े का ताला खुद ब खुद खुल गया और आवाज़ आने लगी
  • यानी महबूब को महबूब से मिला दों कि महबूब को महबूब का इश्तियाक है।

فسير كبير ج ۱ ص ۲۷ (بتراحية التراث العربي (بيروت

तेरे क़दमों में जो हैं गैर का मुंह क्या देखें

कौन नज़रों पे चढ़े देख के तल्या तेरा

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