दज्जाल कौन कब कहाँ पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड Dajjal Kaun Kab Kahan

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इस्लाम के अनुसार दुनिया में क़यामत आने से पहले दज्जाल का जाहिर का होना तह है दज्जाल खुद को खुदा कहेगा और बहुत से लोग इस बात को स्वीकार भी कर लेंगे

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दज्जाल कौन कब कहाँ Dajjal Kaun Kab Kahan

दज्जाल कौन है?

(1) दज्जाल कौन है? (2) कहां है? (3) कब बरआमद होगा?

फिलए दज्जाल का आगाज़ तो यकीनन हो चुका है। इसका सरबराहे आज़म कौन होगा? इसका नुक्तए उरूज कौन सा लम्हा होगा? और हम इस लम्हे से कितनी दूर हैं या हम दज्जाल के अहद में ही जी रहे हैं?

ये वे तीन सवाल हैं जो हर उस ज़ेहन में गर्दिश करते हैं जो दुनिया को सिर्फ दुनिया तक और माद्दियत तक महदूद नहीं समझता, आखिरत पर यकीन और रूहानियत और माहियत के दर्मियान होने वाली ज़बरदस्त कशमकश पर नज़र रखता है और यह भी यकीन रखता है कि रोज़े क्यामत इससे ज़रूर इस हवाले से सवाल किया जाएगा कि ईमान व माद्दियत के इस अज़ीम मअरके में उसने अपना वज़न किस पलड़े में डाला था और इस हवाले से उसका रवय्या और किर्दार क्या था?

दज्जाल कौन है?

(1) सामरी जादूगरः

बाज़ हज़रात का कहना है कि हज़रत मूसा अलै0 के ज़माने में बनी इस्राईल को गुमराह करके शिर्क में मुब्तला करने वाला सामरी दरहकीकृत दज्जाल था। दज्जाल का आलमे एशिया में तसरुफ का जो भरपूर इख़्तियार दिया गया है उसके तहत सोने से बनाए गए बछड़े को मुतहरिक, जानदार और आवाज़ लगाने वाला बना देना कुछ भी बाईद नहीं।

इसकी दलील यह है कि हज़रत मूसा अलै0 ने सामरी से इतना जबरदस्त जुर्म सरजूद होने के बावजूद उसे जाने दिया और जो बनी इस्राईल उसके बरगलाने पर शिर्क में मुब्तला हुए थे

(2) हीरम आबैफः

बाज़ अहले इल्म की राए है कि इस से हीरम आबैफ (या सुखा आसिफ) मुराद है। यह सय्यदना हज़रत सुलैमान अलै0 के दौर में हैकल सुलैमानी के नौ बड़े मेमारों (मास्टर मेसंज़) का सरबराह (ग्रेड मास्टर) था और जिन्नात से तअल्लुक रखता था। यहूदी मज़हबी दासतानों के मुताबिक इसका (मआज अल्लाह) फरिश्तों ने काइनात की तामीर के जादूई राज़ बता दिये थे। इससे वे राज़ लेने के लिये इसे कत्ल कर दिया गया।

यहूद की बदकिस्मती देखिये कि वह अल्लाह के सच्चे पैगम्बर हज़रत सुलैमान अलै0 से अपनी निस्बत करते हैं लेकिन उनकी इताअत नहीं करते। उन पर जादू के झूटे बोहतान लगाते हैं जब कि दूसरी तरफ वह हीरम आबैफ को देवता (उलूही शख्सियत ) तसव्वुर करते हैं।

उनके मुताबिक कुआन शरीफ में जो यह मज़कूर है: “और (हमने) जिन्नों को उस (सुलैमान) का ताबे फरमान बना दिया जिनमें हर किस्म के मेमार और गोताखोर थे।” इन मेमार जिन्नों में हीरम आवैफ भी था।

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इस्लामिक किताब दज्जाल कौन कब कहाँ पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड से पहले कुछ पढ़े लिखा हुआ – दज्जाल की ताकत

दज्जाल की मुआविन कुव्वतों और उसके पास मौजूद शैतानी ताकतों से आगाही हमें दर्ज ज़ेल अहादीस से मिलती है: हदीस शरीफ में आता है:

  • दज्जाल के साथ अस्फहान के सत्तर हजार यहूदी होंगे
  • जो ईरानी चादरें ओढ़े हुए होंगे।” – सहीह मुस्लिमः 7034, रिवायत अनस बिन मालिक रज़ि०
  • रसूले अकरम सल्ल0 ने दज्जाल के मुतअल्लिक कहाः
  • उसके पास आग और पानी होंगे। (जो) आग (नज़र आएगी वह) ठंडा पानी होगा
  • और (जो) पानी (नज़र आएगा वह) आग (होगी।” – सहीहुल बुखारी: रिवायत हुज़ैफा रज़ि०
  • उस (दज्जाल) के पास रोटियों का पहाड़ और पानी का दरिया होगा
  • मतलब यह कि उसके पास पानी और ग़िज़ा याफिर मिक्दार में होंगे
  • नबी सल्ल० ने फरमायाः इन बातों के लिये वह निहायत हकीर है।
  • लेकिन अल्लाह उसे इसकी इजाजत देगा
  • ताकि लोगों को आज़माया जा सके कि वह अल्लाह पर यकीन रखते हैं या दज्जाल पर
  • अल्लाह तआला उसके साथ शयातीन को भेजेगा जो लोगों के साथ बातें करेंगे”।
  • – मुस्नद अहमदः जिल्द 3/367, 368
  • वह एक बदरू से कहेगा। अगर मैं तुम्हारे बाप और माँ को तुम्हारे लिये दोबारा जिंदा करूं तो तुम क्या कहोगे?
  • क्या तुम शहादत दोगे कि मैं तुम्हारा खुदा हूं।
  • बदरू कहेगाः हां! चुनांचे दो शयातीन उस बदरू के मां और बाप के रूप में उसके सामने आ जाएंगे
  • और कहेंगे: हमारे बेटे इसका हुक्म मानो, यह तुम्हारा खुदा है।
  • – (इब्ने माजाः किताबुल फितनः 4077)

“अद्दज्जाल आएगा लेकिन उसके लिये मदीने में दाखिल होना मन्नूअ होगा। वह मदीना के मुज़ाफात में किसी बंजर (सेमज़दा) इलाके में खैमाजन होगा। उस दिन बेहतरीन आदमी या बेहतरीन लोगों में से एक उसके पास आएगा और कहेगा: मैं तसदीक करता हूं कि तुम वही दज्जाल हो जिसका हुलिया हमें अल्लाह के नबी सल्ल. ने बताया था

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